बरसात ने ठंडा कर दिया गर्मी का बाजार, एसी,कूलर पंखा की खरीदारी में 30 से 35 प्रतिशत की गिरावट

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  • बेमौसम बरसात से पंख, कूलर, एसी की खरीदारी में 30 प्रतिशत की गिरावट
  • युद्ध के कारण बढ़ी 20 से 25 प्रतिशत कीमतें

आगरा : बेमौसम वर्षा और तापमान में आई गिरावट ने गर्मी का बाजार ठंडा कर दिया है। एसी, कूलर, और पंखा की खरीदारी में लगभग 30 से 35 प्रतिशत की कमी आई है। आमतौर पर अप्रैल महीने में गर्मी अपना असर दिखाने लगती है। जिस कारण एसी, कूलर, पंखा और फ्रीज की जमकर खरीदारी शुरू हो जाती थी, लेकिन इस वर्ष अप्रैल महीने में हो रही बरसात ने तापमान में पिछले साल के मुकाबले 25 प्रतिशत की कमी आई है। जिस कारण लोग अभी इस चीजों को खरीदने में रूचि नहीं ले रहे हैं।
राजा मंडी में खन्ना इलेक्ट्रिकल्स के संचालक राजेश बताते हैं कि पिछले साल के मुकाबले खरीदारी में गिरावट आई है। इसके पीछे का कारण मौसम है। तापमान कम है, गर्मी इतनी कम है कि लग ही नहीं रहा अप्रैल महीना शुरू हो गया है। आमतौर पर मार्च खत्म होते-होते गर्मी बढ़ जाती थी। लोगो एसी और कूलर का भरपूर इस्तेमाल शुरू कर देते थे, लेकिन तापमान में गिरावट से बाजार ठंड़ा है।

टाक —

पिछले साल के मुकाबले इस साल कूलर, पंखा की बिक्री कम हो रही है। इस की वजह बेमौसम बारिश है। तापमान कम है । जिस कारण लोग अभी एसी और कूलर का उपयोग कम कर रहे हैं। खरीदारी के लिए दुकानों पर ग्राहक नहीं आ रहे हैं। – कमल अग्रवाल, प्रेम इलेक्ट्रिकल्स एंड होम एप्लायंसेज, तोता का ताल

मौसम की मार से खरीदारी कम हुई है। पिछले साल के मुकाबले गोदामों में माल भरा पड़ा है। दुकानदारों के लिए अप्रैल सीजन होता है। गर्मियों की
शुरूआत होते ही लोग पंख, कूलर और एसी खरीदना शुरू कर देते है, लेकिन इस बार दुकानदार हाथ पर हाथ रखे बैठे हैं। ग्राहक नहीं आ रहे। – राकेश मेहरा, बंसल ट्रांजिस्टर, मदिया कटरा चौराहा ।


युद्ध के कारण बढ़ी कीमतें ।
इजराइल और ईरान युद्ध की आंच इलेक्ट्रिकल्स बाजार तक पहुंच गई है। कच्चे माल की सप्लाई बाधित हुई है। फैक्ट्रियों में प्लास्टिक दाना नही बन रहा। पेट्रोलियम उत्पादों की भारी कमी आई है। प्लास्टिक बाडी कूलर की कीमतों में एक हजार से अधिक की बढ़ोत्तरी हुई है। वहीं अन्य इलेक्ट्रिक सामान जैसे पंखा, मिक्सी, वाशिंग मशीन, फ्रीज, आवन, इंडक्शन, एलईडी लाइट, बल्ब, स्विच, वायर के अलावा अन्य सामान की कीमतों में 20 से 25 प्रतिशत वृद्धि हुई है। जानकार बताते हैं कि अगर युद्ध लंबा चला तो कीमतें में आगे भी वृद्धि की संभावना है।

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