आगरा। जिले की नहरों में चल रहे सिल्ट सफाई कार्यों को लेकर किसान नेता मोहन सिंह चाहर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मंगलवार को आगरा टर्मिनल नहर सहित कई माइनर नहरों का दौरा कर निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद चाहर ने कहा कि नहरों की सफाई के नाम पर सिंचाई विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत से खानापूर्ति की जा रही है।

किसान नेता ने बताया कि टर्मिनल नहर में सफाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है। नहर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का पानी अब भी छोड़ा जा रहा है, साइडों पर घास और गाद ज्यों की त्यों पड़ी है। कई स्थानों पर तो किनारों की सफाई तक नहीं हुई है। यही हाल फतेहपुर सीकरी, दौरेठा माइनर और दिगनेर माइनर सहित अन्य नहरों का भी है।
मोहन सिंह चाहर ने कहा कि जब किसानों को सिंचाई के लिए पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, तभी विभाग सफाई का काम शुरू करता है। अगर एक अक्टूबर से सफाई शुरू कराई जाती, तो पर्याप्त समय में सही ढंग से काम पूरा हो सकता था। लेकिन विभाग और ठेकेदारों ने नवंबर में काम शुरू कर केवल सरकारी धन के दुरुपयोग का रास्ता बनाया है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नहरों, माइनरों और रजवाहों की सही तरीके से सफाई नहीं की गई और किसानों को समय पर पानी उपलब्ध नहीं कराया गया, तो किसान आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। चाहर ने कहा कि वे जल्द ही इस मामले की शिकायत सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से करेंगे।
निरीक्षण के दौरान उनके साथ महावीर प्रधान, भीष्मपाल सोलंकी, केशव देव शर्मा सहित अन्य किसान नेता मौजूद रहे।
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