हरिकांत शर्मा /रिपोर्ट
अपनों के कत्ल से एक बार फिर शर्मसार हुई मोहब्बत की नगरी आगरा। जिस बेटी को पिता ने उंगली पकड़कर चलना सिखाया, उसी पिता ने समाज की बदनामी के डर में अपनी ही बेटी की जिंदगी खत्म कर दी। यह सनसनीखेज मामला थाना मलपुरा क्षेत्र का है, जहां रिटायर दरोगा ने बेटे और पत्नी के साथ मिलकर अपनी ही बेटी की हत्या कर दी।

रिटायर दरोगा ने समाज के डर में रची खौफनाक साजिश ।
30 नवंबर को अंशु यादव अचानक घर से गायब हो गई। पिता रणवीर सिंह ने खुद थाने पहुंचकर बेटी की गुमशुदगी की एफआईआर दर्ज कराई। दिन बीतते गए, लेकिन अंशु यादव का कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस भी हाथ-पैर मारती रही, मगर मामला सुलझ नहीं पाया।
करीब एक महीने बाद कहानी में बड़ा मोड़ आया। फिरोजाबाद निवासी अंशु के प्रेमी अनुराग यादव ने हाईकोर्ट में हेबियस कॉर्पस दाखिल कर दिया। इसके बाद पुलिस ने मामले की परत-दर-परत जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि अंशु और अनुराग का रिश्ता परिवार को मंजूर नहीं था। वजह यह कि रिश्ते में अनुराग, अंशु का भतीजा लगता था। समाज में बदनामी का डर अंशु के पिता रिटायर दरोगा रणवीर सिंह को अंदर ही अंदर कचोट रहा था।

अंशु को अपने ही घर वालों से खतरे का अंदेशा था। इसी डर में उसने एक वीडियो बनाकर अपने प्रेमी अनुराग के मोबाइल पर भेज दिया था। यही वीडियो पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग बन गया। वीडियो के आधार पर जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो सच्चाई सामने आ गई।
यमुना नदी से बरामद हुआ आंसू यादव का कंकाल ।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि रिटायर दरोगा रणवीर सिंह ने अपने बेटे और पत्नी के साथ मिलकर अंशु की हत्या कर दी। हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए आरोपी इटावा स्थित अपने साले के घर पहुंचे और यमुना नदी में अंशु के शव को ठिकाने लगा दिया।
पिता, भाई और मां गिरफ्तार, अन्य आरोपियों की तलाश जारी ।
आगरा पश्चिम के डीसीपी अतुल कुमार और एसपी सुकन्या शर्मा ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि रिटायर दरोगा की निशानदेही पर पुलिस ने यमुना नदी से अंशु का कंकाल बरामद किया। पुराने फोटो से कपड़ों का मिलान किया गया और डीएनए जांच में साफ हो गया कि कंकाल अंशु यादव का ही है।
इस पूरे मामले में पुलिस ने नौ लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें से रिटायर दरोगा रणवीर सिंह, उसका बेटा और मामा गिरफ्तार कर लिए गए हैं, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

हर्ष शर्मा आगरा से एक युवा डिजिटल पत्रकार हैं, जो स्थानीय ख़बरों को सरल और सटीक तरीके से लोगों तक पहुँचाने का काम करते हैं। उनका फोकस ग्राउंड-रिपोर्टिंग, फैक्ट-चेकिंग और शहर से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट को तेज़ी से पाठकों तक पहुँचाना है।
