आगरा में इंसाफ दिलाने वाले पेशे से जुड़ा एक बड़ा शर्मनाक मामला सामने आया है। शहर के एक वकील पर गैंगरेप पीड़िता से ही दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। पुलिस ने आरोपी अधिवक्ता जितेंद्र सिंह धाकरे को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने पड़ोसी की छत से छलांग लगा दी, जिससे उसके दोनों पैर टूट गए। फिलहाल आरोपी अस्पताल में भर्ती है और पुलिस उसकी निगरानी में है।
कैसे हुआ पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, 24 वर्षीय पीड़िता औरैया की रहने वाली है। वह 2022 में हुए एक सामूहिक दुष्कर्म केस की पीड़िता है और उसी मामले की सुनवाई के सिलसिले में आगरा आई थी। आरोपी जितेंद्र सिंह धाकरे उस पुराने केस में आरोपियों की ओर से वकील के रूप में पेश हो रहा था।
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने कानूनी मदद के नाम पर युवती को होटल बुलाया। उसने पीड़िता से कहा कि वह केस को जल्द निपटाने में उसकी मदद कर सकता है। जब पीड़िता होटल पहुंची, तो आरोपी ने उसे शराब पिलाई और फिर कथित रूप से उसके साथ दुष्कर्म किया।
होटल में छापा और आरोपी की गिरफ्तारी
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। जब पुलिस टीम आरोपी के घर पहुंची तो उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए छत से छलांग लगा दी। इस दौरान उसके दोनों पैर फ्रैक्चर हो गए। पुलिस ने उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया और बाद में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का बयान
आगरा के डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बार ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लिया गया है और मेडिकल जांच के बाद उसे जेल भेजने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस ने होटल का सीसीटीवी फुटेज, होटल रजिस्टर और फॉरेंसिक साक्ष्य भी जब्त कर लिए हैं।
अधिकारी ने बताया कि आरोपी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म) सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
पीड़िता की स्थिति और आगे की कार्रवाई
पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि आरोपी ने कानूनी सहायता के नाम पर उसे फंसाया और धमकी भी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो केस पर असर पड़ेगा। पुलिस ने बयान दर्ज कर महिला को मेडिकल जांच के लिए भेज दिया है।
फिलहाल यह मामला आगरा के पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता में है। उच्च अधिकारी लगातार जांच की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इस घटना से न्याय व्यवस्था की गरिमा को ठेस पहुँची है और आरोपी को कड़ी सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी।
सोशल मीडिया पर आक्रोश
घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा देखने को मिल रहा है। कई लोगों ने वकील समुदाय पर सवाल उठाए हैं कि अगर न्याय देने वाला ही अपराध करने लगे तो पीड़ितों को भरोसा किस पर होगा। वहीं महिला संगठनों ने भी इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
निष्कर्ष
आगरा की यह घटना दिखाती है कि समाज में भरोसे के नाम पर अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कानून लागू करने की जरूरत है। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की है, लेकिन अब सबकी निगाहें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।
प्रशांत राजा एक युवा और ऊर्जावान डिजिटल पत्रकार हैं, जो स्थानीय खबरों को जनता की आवाज़ में बदलने का जुनून रखते हैं। वे agravoice.in के लिए लेखन और संपादन दोनों का कार्य संभालते हैं। आगरा और उत्तर प्रदेश की ज़मीनी खबरों को आम लोगों तक पहुँचाना उनका मुख्य उद्देश्य है।
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