आगरा।
ताजमहल और आगरा किला जैसी विश्व प्रसिद्ध इमारतों पर हर रोज हजारों देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन इन ऐतिहासिक धरोहरों के बाहर का नज़ारा आगरा की छवि पर दाग लगा रहा है। स्मारकों के बाहर सक्रिय लपकों और भिखारियों के गिरोह विदेशी मेहमानों को चारों तरफ से घेर लेते हैं, जबरदस्ती सामान बेचने की कोशिश करते हैं और मना करने पर पीछा नहीं छोड़ते।

एक वायरल वीडियो में यह साफ देखा जा सकता है कि आगरा किले के बाहर कुछ लोग विदेशी पर्यटक को घेरकर अपना सामान बेचने की कोशिश कर रहे हैं। पर्यटक स्पष्ट रूप से असहज नज़र आ रहा है, लेकिन फिर भी कोई उसकी मदद के लिए आगे नहीं आता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे दृश्य रोज़ देखने को मिलते हैं। ताजमहल, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी जैसे स्मारकों पर कुछ तथाकथित गाइड, दुकानदार और भिखारी विदेशी सैलानियों को परेशान करते हैं। कई महिलाएं छोटे बच्चों को लेकर जबरदस्ती पैसे मांगती हैं, वहीं ऑटो चालक मनमाना किराया वसूलते हैं।

आगरा में पर्यटन से हर साल करोड़ों रुपये का राजस्व मिलता है, लेकिन इस तरह की घटनाएं शहर की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं। पर्यटकों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन को इन घटनाओं पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए।पुलिस का कहना है कि समय समय पर कार्यवाही होती है,आगे भी इन पर एक्शन लिया जाएगा.
स्थानीय नागरिकों ने भी मांग की है कि स्मारकों के बाहर लपकों, फर्जी गाइडों और भीख मांगने वालों पर रोक लगाने के लिए पुलिस को विशेष अभियान चलाना चाहिए, ताकि आगरा की पहचान सिर्फ ताजमहल तक सीमित न रहे बल्कि उसकी मेहमाननवाज़ी के लिए भी दुनिया भर में जानी जाए।
प्रशांत राजा एक युवा और ऊर्जावान डिजिटल पत्रकार हैं, जो स्थानीय खबरों को जनता की आवाज़ में बदलने का जुनून रखते हैं। वे agravoice.in के लिए लेखन और संपादन दोनों का कार्य संभालते हैं। आगरा और उत्तर प्रदेश की ज़मीनी खबरों को आम लोगों तक पहुँचाना उनका मुख्य उद्देश्य है।
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