पित्त की थैली में पथरी के ऑपरेशन के बाद एक युवक की मौत से आगरा में हड़कंप मच गया। मामला शांति वेद इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस ककरेंठा रोड़ गुरु का ताल का है, जहां इलाज के दौरान 30 वर्षीय मोहित की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की गंभीर लापरवाही के चलते मोहित की जान चली गई। परिजन भूपेंद्र चाहर ने बताया गया कि करीब एक सप्ताह पहले मोहित को पित्त की थैली में पथरी के ऑपरेशन के लिए शांति वेद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भर्ती के बाद से ही उसकी तबीयत बार-बार बिगड़ती रही। उसे वेंटिलेटर और MICU वार्ड में रखा गया.

मृतक के छोटे भाई कृपाल के अनुसार गुरुवार सुबह डॉक्टर अनुभव प्रकाश ने दोबारा ऑपरेशन कर पेट से मांस का एक टुकड़ा निकाला.उससे पहले उसी हरी उल्टी हो रही थी. डॉक्टर ने बताया था कि पेट में पित्त की थैली फट गई है. दोबारा ऑपरेशन करना पड़ेगा, लेकिन इसके कुछ ही घंटों बाद शाम को मोहित की मौत हो गई।

मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल में तीमारदारों ने हंगामा किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि आयुष्मान कार्ड से इलाज के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने 50 से 60 हजार रुपये तक की रकम वसूली।
इसके साथ ही परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर शव देने से रोकने का भी आरोप लगाया है। मोहित थाना सौंख के बछगाँव गांव का रहने वाला है.मृतक CA के यहां पर प्राइवेट जॉब करता था।उसका डेढ़ साल का बच्चा भी है। इस घटना के बाद से मृतक मोहित के परिजन और पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल है।
हर्ष शर्मा आगरा से एक युवा डिजिटल पत्रकार हैं, जो स्थानीय ख़बरों को सरल और सटीक तरीके से लोगों तक पहुँचाने का काम करते हैं। उनका फोकस ग्राउंड-रिपोर्टिंग, फैक्ट-चेकिंग और शहर से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट को तेज़ी से पाठकों तक पहुँचाना है।
