आगरा। विश्व मधुमेह दिवस पर आज कम्पनी गार्डन सुबह-सुबह एक अलग ही माहौल में नजर आया। आगरा डायबिटीज फोरम और आरएसएसडीआई (रिसर्च सोसायटी ऑफ स्टडी डायबिटीज ऑफ इंडिया) द्वारा आयोजित निशुल्क कैम्प में मॉर्निंग वॉक करने पहुंचे लोगों ने चाय–बिस्कुट के साथ डॉक्टरों से डायबिटीज पर खुलकर बातचीत की। करीब 190 लोगों ने अपनी शुगर, न्यूरोपैथी, कोलेस्ट्रोल और बीएमआई आदि की जांच कराई। कार्यक्रम की शुरुआत डॉक्टरों द्वारा सफेद और नीले गुब्बारे उड़ाकर की गई।

आगरा डायबिटीज फोरम के सचिव डॉ. सुनील बंसल ने जीवनशैली सुधारने पर जोर देते हुए कहा कि प्लास्टिक, कीटनाशक और रासायनिक खाद के अत्यधिक प्रयोग से हार्मोन संतुलन बिगड़ रहा है, जिससे डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है। डॉ. वीएन कौशल ने बताया कि डायबिटीज ऐसी बीमारी है जिसे हम संतुलित खान-पान और नियमित दिनचर्या से काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं।
प्रो. प्रभात अग्रवाल ने कहा कि कई स्कूलों में अब पीटी की क्लास ही नहीं होती, जिससे बच्चों में शारीरिक गतिविधि कम हो रही है। शिविर में डॉक्टरों ने लोगों को डायबिटीज के लक्षण, कारण और बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में लोगों ने वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ वॉकेथन भी किया। शिविर में डॉ. वीएन कौशल, वीरेंद्र खंडेलवाल, डॉ. सुनील बंसल, डॉ. कैलाश विस्वानी, डॉ. प्रभात अग्रवाल, डॉ. मुकेश भारद्वाज आदि मौजूद रहे।
190 में 15 नए मरीज मिले
कम्पनी गार्डन में हुए परीक्षण में 190 लोगों की जांच की गई, जिनमें लगभग 40 पहले से डायबिटीज के मरीज थे, जबकि 15 लोग नए डायबिटिक मिले। इनमें से कई को यह पता ही नहीं था कि वे मधुमेह से पीड़ित हैं। सात वर्षीय टाइप–1 डायबिटिक रोहित बघेल भी परीक्षण कराने पहुंचा।

डायबिटिक हैं तो जूस नहीं, फल खाएं
डॉ. सुनील बंसल ने बताया कि डायबिटीज के मरीजों को जूस से परहेज करना चाहिए और उसकी जगह फल खाना चाहिए, क्योंकि फलों में मौजूद फाइबर शरीर के लिए फायदेमंद होता है। उन्होंने कहा कि मरीजों को मैदा, अधिक नमक और चीनी से दूरी रखनी चाहिए। यदि कभी मिठाई खानी पड़ जाए तो अगले दिन व्यायाम करना न भूलें।
प्रशांत राजा एक युवा और ऊर्जावान डिजिटल पत्रकार हैं, जो स्थानीय खबरों को जनता की आवाज़ में बदलने का जुनून रखते हैं। वे agravoice.in के लिए लेखन और संपादन दोनों का कार्य संभालते हैं। आगरा और उत्तर प्रदेश की ज़मीनी खबरों को आम लोगों तक पहुँचाना उनका मुख्य उद्देश्य है।
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